श्री परमधाम परिचय

Paramdham|Janeu Kranti
चन्द्रमोहन (क्रांतिगुरु)

श्री परमधाम, अरिहंतपुरम, वलीदपुर दौराला, मेरठ, उत्तर प्रदेश

श्री परमधाम की स्थापना लगभग 19 वर्ष पूर्व क्रांतिगुरू श्री चन्द्रमोहन जी ने ‘जनेऊँ’  के सूत्रों :- 

ज - जन पूजा - जातिरहित एकजुटता, पढ़ाई-दवाई-एक खिलाई एक समान व फ्री, समय पर न्याय की गारण्टी का प्रयास
ने - नैतिक पूजा- क्रांतिकारियों को अपना वास्तविक माँ-पिता मानना और नशे व ढोंग का त्याग करना (क्योंकि नशा व ढोंग करना क्रांतिकारियों का अपमान है) 
ऊँ - अध्यात्म पूजा - प्रकृति-प्रेम, अन्तः पूजा व अन्तः ज्ञान, पंचदेवों व असहायों की सेवा का प्रयास इत्यादि 
के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिये श्री आनंदकंद जी महाराज के निर्देश से पवित्र भूमि शुक्रताल, मुजफ्फरनगर (उ0प्र0) से की। ग्रामीण क्षेत्रों में जातिवादी व्यवस्था व नशे का बंधन ज्यादा है इसलिये ग्रामीण क्षेत्रों को ही प्रसार का केन्द्र बनाया गया और उद्घोष दिया गया-

                                                        ‘‘जातिरहित समाज हो, नशे का नाश हो।’’

                आज नशे के ज्यादा प्रभाव के कारण मनुष्य सामाजिक व मानसिक पतन की ओर बढ़ रहा है। इसलिये अध्यात्म की प्रक्रिया से उसे मुक्त किया जाता है जिसका प्रभाव विशेषकर युवाओं में देखा गया है। इस अभियान के लगभग 14 वर्र्षाे तक शुक्रताल, मुजफ्फरनगर में सफल आयोजन के बाद दौराला, मेरठ में स्थानांतरित किया गया क्योंकि यहाँ इस अभियान से जुड़ने वाले सहयोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। यहाँ पर्याप्त जगह न होने के कारण क्रांतिगुरू जी के आदेशानुसार यह फैसला लिया गया कि शुक्रताल, मुजफ्फरनगर में अब हिन्दुस्तानी गाय (देशी गाय) का संरक्षण किया जाये। आज शुक्रताल, मुजफ्फरनगर में श्री परमधाम द्वारा सैकड़ों हिन्दुस्तानी गायों का संरक्षण किया जा रहा है। 
               अब श्री परमधाम द्वारा यह अभियान अरिहन्तपुरम, वलीदपुर दौराला मेरठ में चलाया जा रहा है। लगभग 06 वर्ष पूर्व जब इस अभियान की शुरूआत मेरठ की भूमि पर की गयी यहाँ भी इस अभियान से जुड़ने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गयी। इस अभियान को क्रांतिगुरू श्री चन्द्रमोहन जी ने नाम दिया ‘‘जनेऊँ क्रांति’’ अभियान। ‘‘जनेऊँ क्रांति’’  से ही देश में सबको आदर-अधिकार-अवसर, स्वास्थ्य-शिक्षा-सुरक्षा और समय पर फसल खरीद की गारण्टी-समय पर उचित मूल्य की गारण्टी-समय पर उचित आपदा मुआवजे की गारण्टी की प्राप्ति होगी। इस ‘‘जनेऊँ क्रांति’’ अभियान को सफल बनाने के लिये श्री परमधाम के सहयोगी दिन-रात अथक प्रयासरत हैं। श्री परमधाम के सहयोगी इसके अलावा गंगा शुद्धिकरण, पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण अभियान, कन्या भ्रूण हत्या व दहेज जैसी कुरीतियोें के प्रति जागरूकता अभियान चलाते हैं। श्री परमधाम का मानना है कि :- 
                                                                      ‘मैं’ और ‘मेरे’ से पहले देश।
                                                       देश के बड़े दुश्मन - जाति-भेद, शिक्षा-भेद, न्याय में देर
                                                              देश के दुश्मनों का नाश- जनेऊँ क्रांति के पास।
                              श्री परमधाम के ‘‘जनेऊँ क्रांति’’ अभियान का विस्तार से वर्णन आगे किया गया है।

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श्री परमधाम

अरिहंत पुरम,वलीदपुर दौराला,
जिला. मेरठ
, उत्तर प्रदेश (भारत)

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